जब बेताब दिल तड़पेगा,
नहीं शर्मायेंगे
बेझिझक वो आयेंगे ,आके गले लग जायेंगे,
दीवानों की तरह वो
आके गले तो लग गए,
क्या किया जोश में,
वो सोचकर शर्मायेंगे
दिल की धड़कने खोल देंगी,
सब राज़ उनके
बैचैन लब कुछ कहना चाहेंगे,
पर कुछ कह ना पाएंगे
जो जुबां ना कह सकी,
वो अश्क कह जायेंगे
जब बेताब दिल तड़पेगा,
नहीं शर्मायेंगे....
पर कुछ कह ना पाएंगे
जो जुबां ना कह सकी,
वो अश्क कह जायेंगे
जब बेताब दिल तड़पेगा,
नहीं शर्मायेंगे....

kya kahun dil ke tar jhanjhana gaye ...bahut khoob. masoomiyat se bayan kar diya apne dil ka hal !
ReplyDeleteThanku so much Rhishi :-)
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